उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण को मिला रोडमैप, कक्षा-5 तक तय होंगे अधिगम लक्ष्य

बालवाटिका से कक्षा-5 तक मिशन का विस्तार, एनसीएफ, एनसीईआरटी और परख के अनुरूप विकसित होंगे कक्षावार लक्ष्य -मंत्री संदीप सिंह

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में बुनियादी शिक्षा को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख तथा दक्षता आधारित बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण एवं लक्ष्य निर्धारण की व्यापक कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
इस कार्ययोजना के अंतर्गत मिशन को बालवाटिका से कक्षा-5 तक प्रभावी रूप से लागू करते हुए प्रत्येक कक्षा के लिए स्पष्ट अधिगम लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। इसके साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर का नियमित आकलन, शिक्षक क्षमता संवर्धन, लर्निंग गैप की पहचान और सुधारात्मक शिक्षण व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी सरकार में बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुरूप निपुण भारत मिशन को अब बालवाटिका से कक्षा-5 तक विस्तारित किया जा रहा है, ताकि हर बच्चे की मजबूत शैक्षणिक नींव तैयार हो सके।
हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा निर्धारित अधिगम लक्ष्यों से पीछे न रहे। इसके लिए हमने एनसीएफ और परख के अनुरूप कक्षावार लक्ष्य तय करने, शिक्षकों के क्षमता संवर्धन और सतत मूल्यांकन की ठोस कार्ययोजना बनाई है। योगी सरकार ने सरकारी स्कूलों को आधुनिक संसाधनों, प्रशिक्षित शिक्षकों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पद्धति से लैस किया है। यह रोडमैप प्रदेश में सीखने के परिणामों में ऐतिहासिक सुधार लाएगा और उत्तर प्रदेश बुनियादी शिक्षा में पूरे देश के लिए मॉडल बनेगा।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को मिशन के विस्तारीकरण और निर्धारित लक्ष्यों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। निपुण भारत मिशन के विस्तारीकरण की यह कार्ययोजना बुनियादी शिक्षा को नई दिशा देने वाली पहल मानी जा रही है। बालवाटिका से कक्षा-5 तक सीखने की एक सतत श्रृंखला विकसित कर प्रत्येक बच्चे को उसकी आयु और कक्षा के अनुरूप आवश्यक ज्ञान, कौशल एवं दक्षताओं से सशक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
कार्ययोजना के अनुसार कक्षा-3 से 5 तक हिंदी, अंग्रेजी, गणित एवं पर्यावरण अध्ययन के लिए विषयवार और कक्षावार अधिगम लक्ष्य एनसीएफ, एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों तथा परख (च्।त्।ज्ञभ्) के मानकों के अनुरूप विकसित किए जाएंगे। इसके लिए विशेषज्ञों, एससीईआरटी, डायट तथा शिक्षकों के सहयोग से दक्षताओं का निर्धारण कर परामर्श कार्यशालाओं के माध्यम से उन्हें अंतिम रूप दिया जाएगा।
नई कार्ययोजना में पाठ्यक्रम पूरा कराने के साथ-साथ प्रत्येक बच्चे के वास्तविक सीखने के स्तर पर विशेष जोर दिया गया है। विद्यालय स्तर पर नियमित मूल्यांकन, फॉर्मेटिव असेसमेंट के माध्यम से बच्चों की प्रगति का निरंतर परीक्षण किया जाएगा और लर्निंग गैप वाले बच्चों के लिए कैच-अप शिक्षण और अतिरिक्त सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, दक्षता आधारित शिक्षा, टीएलएम के प्रभावी उपयोग, डिजिटल संसाधनों तथा दीक्षा प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाएगा। बालवाटिका स्तर पर स्कूल रेडीनेस, विद्यालयों में पुस्तकालयों के प्रभावी उपयोग, पढ़ने की संस्कृति और अभिभावकों की सहभागिता पर भी विशेष बल दिया गया है। राज्य, जिला, विकासखंड और विद्यालय स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

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